षट्कर्म, चिकित्सकीय योग एवं आयुर्वेदिक पद्धतियों द्वारा पुरानी बीमारियों पर नियंत्रण — जड़ से उपचार का दृष्टिकोण।
शरीर के आंतरिक तंत्रों को शुद्ध करने वाली छह पारंपरिक हठ योग क्रियाएँ, प्रशिक्षित मार्गदर्शन में करवाई जाती हैं।
Thippaya — पाचन एवं उदर शुद्धि क्रिया।
नासिका मार्ग की जल द्वारा शुद्धि — साइनस व एलर्जी में लाभकारी।
धागे द्वारा नासिका शुद्धिकरण — श्वसन तंत्र को सक्रिय करता है।
आँखों की शुद्धि क्रिया — दृष्टि तंत्र को सशक्त बनाती है।
वस्त्र द्वारा उदर शुद्धिकरण — पाचन तंत्र की गहरी सफाई।
जल-आधारित उदर शुद्धि क्रिया — अम्लता व गैस में राहत।
रक्त संचार सुधारने व दर्द निवारण की पारंपरिक विधि।
सभी षट्कर्म क्रियाएँ प्रशिक्षित योग चिकित्सक की देखरेख में ही करवाई जाती हैं।
कमर दर्द, साइटिका, सर्वाइकल और फ्रोज़न शोल्डर जैसी समस्याओं के लिए लक्षित चिकित्सकीय योग आसन, स्ट्रेचिंग और श्वास तकनीकें — प्रत्येक विद्यार्थी के लिए व्यक्तिगत रूप से तैयार किया गया कार्यक्रम।
योग एवं आयुर्वेद की विभिन्न पद्धतियों द्वारा निम्नलिखित समस्याओं पर नियंत्रण व इलाज संभव है।
मोटापा, शुगर (डायबिटीज़), बीपी (हाई/लो ब्लड प्रेशर), थायराइड
कब्ज, बवासीर, IBS (इरिटेबल बाउल सिंड्रोम)
कमर दर्द, घुटना दर्द, साइटिका, गठिया
PCOD/PCOS, Infertility, Postpartum Yoga, ल्युकोरिया
अस्थमा, साइनस
माइग्रेन पेन, हृदय रोग, स्वप्न दोष, मानसिक तनाव व निद्रा संबंधी परेशानियाँ
Home visit sessions available for therapy programs, senior citizens, and post-surgery recovery — subject to location and schedule.